भोपाल के जेपी हॉस्पिटल पहुंचे कलेक्टर, गंदगी देख डॉक्टरों को फटकारा
शहर के नए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सोमवार शाम करीब सवा चार बजे जब अचानक जय प्रकाश (जेपी) अस्पताल पहुंचे, तो वहां हड़कंप मच गया। कलेक्टर सीधे अस्पताल के भीतर दाखिल हुए, जहां सबसे पहले आरएमओ डॉ. प्रमेंद्र शर्मा पहुंचे।
कुछ देर बाद जब सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. संजय जैन सामने आए तो कलेक्टर ने तीखे लहजे में पूछा- “क्यों सिविल सर्जन साहब, कहां गायब थे?” सीएस ने जवाब दिया कि खाना खाने गया था, जिस पर कलेक्टर ने तंज कसते हुए कहा कि इतना लेट खाना? सीएस ने काम के दबाव का हवाला देकर बात संभालने की कोशिश की।
गंदगी और अव्यवस्था पर लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बी-ब्लॉक के मेल मेडिकल वार्ड और बच्चा वार्ड पहुंचे। वहां स्ट्रेचर पर गंदी चादर देख वे भड़क गए और अस्पताल मैनेजर की क्लास लगा दी। उन्होंने सख्त लहजे में पूछा कि मरीजों को ऐसी गंदी चादर क्यों दी जा रही है? इसकी लॉन्ड्री दिखाओ, इसे कौन और कैसे धोता है? वहीं, मेडिकल वार्ड के वॉशरूम (शौचालय) की गंदगी देखकर भी उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
इलाज में देरी पर जताई चिंता, परिजनों से पूछा हाल
बच्चा वार्ड में कलेक्टर ने 12 दिन से भर्ती एक बच्ची की फाइल देखी। उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि इतने दिन बाद भी बच्ची ठीक क्यों नहीं हुई? जब उन्होंने बच्ची के परिजनों से पूछा कि आप जेपी अस्पताल क्यों आए, तो गरीब परिजनों ने कहा कि साहब, गरीब हैं और रिश्तेदारों ने यहां भर्ती करने की सलाह दी थी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सीनियर डॉक्टर केवल राउंड न लें, बल्कि हर मरीज का खुद आकर फॉलोअप लें।
फायर सेफ्टी और स्टाफ ट्रेनिंग पर कड़े निर्देश
इसके बाद कलेक्टर फायर सेफ्टी के पास पहुंचे और एक वार्ड बॉय से पूछा कि आग बुझाना आती है क्या? जवाब “ना” मिलने पर उन्होंने सीएस को फटकारा कि स्टाफ को ट्रेनिंग क्यों नहीं दी गई? उन्होंने सभी वार्ड बॉय को इसका प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरा स्टाफ ड्रेस कोड में रहे और गले में आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य होगा। अस्पताल परिसर में खड़े कंडम वाहनों को तुरंत हटाने और नई व पुरानी बिल्डिंग के बीच बने नाले की तत्काल साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए।
व्यवस्थाओं में कोताही बर्दाश्त नहीं
एसी और स्टेशनरी जैसी समस्याओं पर प्रबंधन को मरीजों से सीधा संवाद करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मेडिकल वेस्ट के निपटान की जानकारी ली और साफ किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने मेडिसिन विभाग के साथ एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन की भी जांच की। तेज गर्मी को देखते हुए उन्होंने वेटिंग एरिया में कूलर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही अस्पताल कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण हेतु नियमित रूप से एम्प्लाइज फीडबैक फार्म भरवाने के निर्देश भी दिए। इस दौरान एसडीएम अर्चना शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा, सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन मौके पर मौजूद रहे।
