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Sunday 10 May 2026
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अमेरिका विरोधी नीतियों से जुड़ने वाले देश पर लगाएंगे 10% एक्स्ट्रा टैरिफ – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका विरोधी नीतियों से जुड़ने वाले देश पर लगाएंगे 10% एक्स्ट्रा टैरिफ – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर घोषणा की कि जो देश अमेरिका विरोधी नीतियों, विशेष रूप से ब्रिक्स (BRICS) समूह की नीतियों से जुड़ेंगे, उन पर 1 अगस्त 2025 से 10% अतिरिक्त टैरिफ (Tariff) लगाया जाएगा। ट्रंप ने साफ किया कि इस नीति में किसी भी देश को छूट नहीं दी जाएगी।
क्या है ट्रंप का इरादा?

ट्रंप का यह बयान वैश्विक व्यापार में अमेरिका के हितों को प्राथमिकता देने की उनकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम उन देशों को जवाबी कार्रवाई के तौर पर टैरिफ लगाएंगे जो अमेरिका के खिलाफ नीतियों का समर्थन करते हैं।” यह कदम खास तौर पर ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) और उनके सहयोगियों को लक्षित करता है, जिन्हें ट्रंप अमेरिकी हितों के खिलाफ मानते हैं।

भारत पर क्या होगा असर?
हालांकि ट्रंप ने उन देशों के नाम स्पष्ट नहीं किए जिन्हें यह टैरिफ लागू होगा, लेकिन भारत, जो ब्रिक्स का हिस्सा है, इस नीति से प्रभावित हो सकता है। पहले से ही भारत पर 2 अप्रैल 2025 को 26% टैरिफ लगाया गया था, जिसे 9 जुलाई तक अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। यदि भारत और अमेरिका के बीच 9 जुलाई तक कोई व्यापार समझौता नहीं होता, तो भारतीय निर्यात पर यह अतिरिक्त 10% टैरिफ लागू हो सकता है।

वैश्विक व्यापार पर प्रभाव
ट्रंप की इस चेतावनी ने वैश्विक व्यापार में नई हलचल पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकता है और कई देशों के लिए व्यापार लागत बढ़ा सकता है। ट्रंप प्रशासन ने पहले ही 12 देशों को टैरिफ से संबंधित चेतावनी पत्र भेजने की बात कही है, हालांकि इन देशों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

भारत की स्थिति
भारत ने ट्रंप की इस नीति के जवाब में सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और किसी दबाव में नहीं झुकेगा। भारत ने चावल, डेयरी, गेहूं और जेनेटिकली मॉडिफाइड फसलों जैसे क्षेत्रों में अपनी शर्तों को स्पष्ट कर दिया है।




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