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Thursday 7 May 2026
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24 घंटे टीवी पर न्यूज देखने की आदत डलवाने वाले CNN फाउंडर टेड टर्नर का निधन
टीवी पर 24 घंटे लगातार न्यूज देखने की जो आज पूरी दुनिया को आदत है, उसकी नींव रखने वाले दिग्गज अमेरिकी मीडिया मुगल और सीएनएन नेटवर्क के संस्थापक टेड टर्नर का 87 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे वैश्विक मीडिया जगत में एक युग का अंत हो गया है। टर्नर सिर्फ एक सफल बिजनेसमैन नहीं थे, बल्कि वे एक ऐसे विजनरी शख्स थे, जिन्होंने टेलीविजन पत्रकारिता की पूरी तस्वीर और दिशा ही बदल कर रख दी। आइए समझते हैं उनका यह शानदार सफर कैसा रहा।

एक छोटे से बिजनेस से ग्लोबल मीडिया एंपायर तक
Ted Turner Dead : टेड टर्नर की कहानी काफी प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अपने पिता के बिलबोर्ड एडवरटाइजिंग बिजनेस (विज्ञापन के बोर्ड लगाने का काम) से की थी। लेकिन टर्नर की सोच बहुत आगे की थी। 1970 के दशक में उन्होंने अटलांटा में एक छोटे से टीवी स्टेशन को खरीदा, जो उस वक्त लगातार घाटे में चल रहा था। उन्होंने सैटेलाइट तकनीक का सही इस्तेमाल समझा और इस छोटे से स्टेशन को पूरे अमेरिका में प्रसारित करना शुरू कर दिया, जिसे बाद में ‘TBS’ (टर्नर ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम) के नाम से जाना गया।

1980: जब CNN ने रची मीडिया क्रांति
उस दौर में टीवी पर न्यूज केवल सुबह और शाम के एक निश्चित समय पर ही आती थी। लेकिन टेड टर्नर का मानना था कि खबरें कभी रुकती नहीं हैं, इसलिए न्यूज चैनल भी नहीं रुकना चाहिए। इसी सोच के साथ 1 जून 1980 को उन्होंने ‘केबल न्यूज नेटवर्क’ यानि सीएनएन की शुरुआत की। यह दुनिया का पहला 24 घंटे चलने वाला न्यूज़ चैनल था। शुरुआत में कई लोगों ने इस आइडिया का मजाक उड़ाया, लेकिन 1991 के ‘खाड़ी युद्ध’ के लाइव कवरेज ने सीएनएन को दुनिया का सबसे भरोसेमंद और ताकतवर न्यूज नेटवर्क बना दिया।

परोपकार और पर्यावरण के लिए ऐतिहासिक काम
टेड टर्नर केवल पैसा कमाने वाले उद्योगपति नहीं थे। वे एक बहुत बड़े परोपकारी व्यक्ति भी थे। सन 1997 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए 1 अरब डॉलर दान करने का ऐतिहासिक ऐलान कर के पूरी दुनिया को चौंका दिया था। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भी उन्होंने अपना जीवन और अकूत संपत्ति लगाई। वे अमेरिका के सबसे बड़े जमींदारों में से एक थे और उन्होंने अपनी जमीनों को वन्यजीवों के संरक्षण, खासकर ‘बाइसन’ के बचाव के लिए सुरक्षित किया।




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