सिया-केतन को मिलाने में मित्तल परिवार की अहम भूमिका
केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया एंगल सामने आया है, जिसमें सिया गोयल और केतन की सगाई में अहम भूमिका निभाने वाले मित्तल परिवार की भूमिका भी चर्चा में है. जिस परिवार ने दोनों को मिलवाया, वही अब इस पूरे मामले से हैरान और स्तब्ध है. पुलिस मित्तल परिवार से पूछताछ कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि रिश्ते की शुरुआत से लेकर हत्या तक के बीच क्या-क्या हुआ?
रिश्ता तय कराने में मित्तल परिवार की भूमिका
सिया गोयल के रिश्तेदार नरेंद्र मित्तल और रेनू मित्तल ने ही सिया और केतन अग्रवाल के बीच शादी की बातचीत शुरू करवाई थी. उनके मुताबिक, उनका काम सिर्फ दोनों परिवारों को मिलाने और शादी की बात आगे बढ़ाने तक सीमित था. जनवरी 2026 में दोनों परिवारों के बीच बातचीत शुरू हुई और फरवरी में सगाई भी हो गई थी.
‘हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था’- मित्तल परिवार
पुलिस पूछताछ में मित्तल दंपति ने कहा कि उन्हें कभी शक नहीं हुआ कि सिया इस तरह का कदम उठा सकती है. उन्होंने बताया कि सिया और केतन दोनों ही शांत और अच्छे स्वभाव के थे. मित्तल परिवार का कहना है कि सिया के किसी और के साथ रिश्ते के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी.
ट्रेकिंग ट्रिप में केतन की हत्या
दरअसल, 18 जून को केतन अग्रवाल की मौत पुणे के लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान हुई थी. शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन सिया के व्यवहार पर शक होने के बाद पुलिस जांच शुरू हुई. जांच में धीरे-धीरे यह मामला एक साजिश के रूप में सामने आया.
परिवारों के बीच मतभेद और बयान
वहीं, सिया के माता-पिता का कहना है कि उन्हें उसकी निजी जिंदगी के बारे में कुछ भी पता नहीं था. उन्होंने तो यहां तक कहा कि अगर उनकी बेटी दोषी साबित होती है, तो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए. दूसरी ओर, मित्तल परिवार ने खुद को इस साजिश से पूरी तरह अलग बताया है.
सूत्रों के मुताबिक, सिया ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. उसने कहा कि उसके लिए केतन की हत्या करना अपने परिवार से सच छुपाने का आसान तरीका था. फिलहाल पुलिस इस पूरे केस के हर पहलू की जांच कर रही है.
