Search
Friday 23 October 2026
  • :
  • :
Latest Update

सीवान में पटाखों में भीषण विस्फोट, चार लोगों की मौत; बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा

बिहार के सीवान जिले में शुक्रवार शाम पटाखों में हुए भीषण विस्फोट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में एक मकान में पटाखे बनाने या रखने के दौरान आग लगने के बाद जोरदार धमाके हुए। हादसे में शुरुआती तौर पर चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

धमाका इतना तेज कि मकान का हिस्सा ढहा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आलमपुर गांव में पटाखा कारोबारी मोहम्मद अमीरुद्दीन मियां के मकान में यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि घर के अंदर पटाखे बनाए जा रहे थे या उनका भंडारण किया गया था। इसी दौरान आग लगने के बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर गिर गया। धमाकों की आवाज से आसपास के लोग दहशत में आ गए और घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।

रुक-रुककर होते रहे धमाके, बचाव कार्य में परेशानी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के बाद काफी देर तक रुक-रुककर धमाकों की आवाज आती रही। इससे राहत एवं बचाव अभियान में मुश्किलें आईं। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने घटनास्थल को घेरकर लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान चलाया गया।

डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सीवान के जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। शुरुआती आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चार शव बरामद किए गए थे। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अधिक होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में अंतिम आंकड़े की पुष्टि विस्तृत तलाशी और प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

पटाखों के लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था की जांच
पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम भी पहुंची। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पटाखों का निर्माण और भंडारण किस अनुमति के तहत किया जा रहा था तथा सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बचाव कार्य पूरा करना और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना है।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *