Search
Thursday 22 October 2026
  • :
  • :
Latest Update

रीजिम चेंज वाले बयान पर पीएम मोदी का पलटवार, बोले- ‘भारत की प्रतिष्ठा मिट्टी में मिलाने में जुटे’

देश में ‘रीजिम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया नए वैश्विक व्यवस्था की तलाश में है, तब भारत में कुछ लोग अव्यवस्था के सपने देख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशों में जाकर भारत की छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

‘दुनिया नए ऑर्डर की तलाश में, भारत में डिसऑर्डर के सपने’
एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष का नाम लिए बिना कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया के सामने एक मजबूत भारत की तस्वीर जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और विदेशी हस्तक्षेप की मांग करने में जुटे हैं।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए भारत की उपलब्धियों, प्रगति और सकारात्मक पहलुओं पर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को लेकर भी कटाक्ष किया।

CEC ज्ञानेश कुमार के विरोध से शुरू हुई बहस
‘रीजिम चेंज’ को लेकर विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच तेज हुआ। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन को ‘रीजिम चेंज’ की लड़ाई बताया था। इसके बाद भाजपा नेताओं ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शनों के जरिए सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत की तुलना बांग्लादेश या फ्रांस से करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की मांग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तथा संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़ी है।

लोकतंत्र, चुनाव और सत्ता परिवर्तन पर सियासी टकराव
इस विवाद ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। जहां भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार बदलने का रास्ता लोकतांत्रिक चुनाव है, वहीं विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के ताजा बयान को इसी राजनीतिक विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और राजनीतिक मंचों पर बहस और तेज होने की संभावना है।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *