लाडली बहना योजना के लिए खोला खजाना
मध्य प्रदेश की मोहन यादव की सरकार ने आज (18 फरवरी) विधानसभा में 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट पेश किया. इसमें किसानों, महिलाओं को खास सौगात देने के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की बात कही गई. मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के लिए बजट में लगभग 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने एमपी सरकार का तीसरा बजट पेश करते हुए राज्य के विकास का संकल्प दोहराया.
एमपी बजट 2026 की बड़ी बातें
कुल बजट- 4,38,317 करोड़ रुपये का प्रावधान
वीबी-जी-राम-जी के लिए 28,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए बजट में लगभग 23,882 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 32,730 करोड़ रुपए आवंटित.
एमपी के सीएम ने बताया कि सरकार किसी भी योजना को बंद नहीं कर रही है, बल्कि उनमें पर्याप्त धन का निवेश कर रही.
2047 तक एक समृद्ध मध्य प्रदेश बनाने का संकल्प लिया.
भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग के लिए 175 करोड़ रुपये का प्रावधान.
जर्जर पुलों और पुलियाओं की मरम्मत के लिए 900 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
सिंहस्थ महापर्व के लिए 3,060 करोड़ रुपये का प्रावधान.
स्कूलों में बच्चों को भोजन के साथ दूध उपलब्ध कराने की पहल शुरू. इसके लिए सरकार ने पांच वर्षों में 6,600 करोड़ रुपये आवंटित किए.
‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टेट्रा पैक में दुग्ध उपलब्ध कराया जाएगा.
पीएम नरेंद्र मोदी के ‘GYAN’ के संकल्प में प्रदेश सरकार ने ‘आई’ (I) भी जोड़ा है.
4,38,317 करोड़ का बजट 2026-27, ‘GYANII’ अर्थात ‘गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री’ के मार्गदर्शी सिद्धान्त पर है.
सीएम ने बताया कि यह बजट विकसित भारत @ 2047 के विजन पर आधारित है. लगातार तीसरी बार हमने कोई भी टैक्स नहीं बढ़ाया.
किसान कल्याण वर्ष में विभिन्न योजनाओं एवं प्रावधानों के तहत 1,15,013 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक धनराशि का प्रबंधन.
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए 31, 758 करोड़ रुपये आवंटित
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए 1,863 करोड़ रुपये आवंटित किए गए.
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के लिए 2,365 करोड़ रुपये आवंटित.
सहकारिता विभाग के लिए 1,679 करोड़ रुपये का प्रावधान.
उद्यानिकी एवं खाद्य संस्करण विभाग के लिए 772 करोड़ रुपये.
मछुआरा कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के लिए 413 करोड़ रुपये.
सुशासन और प्रशासनिक सुदृढ़ता को समर्पित बजट. गृह विभाग के लिए 13,411 करोड़ रुपये का प्रावधान.
राजस्व विभाग के लिए 13,876 करोड़ रुपये आवंटित.
विधि एवं विधायी कार्य विभाग 3,829 करोड़ रुपये का प्रावधान.
सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 1,172 करोड़ रुपये.
जेल विभाग के लिए 895 करोड़ रुपये, संसदीय कार्यविभाग के लिए 153 करोड़ रुपये आवंटित.
वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बजट 2026-27 में विशेष प्रावधान किए गए हैं. पर्यावरण विभाग के लिए 31 करोड़ रुपये.
स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 36,730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा विभाग के लिए 4,247 करोड़ रुपये आवंटित.
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान
