Search
Monday 9 March 2026
  • :
  • :
Latest Update

“जंग का असर! दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही फ्लाइट को हवा से ही मुड़ना पड़ा, 7 घंटे बाद सुरक्षित लैंडिंग”

“जंग का असर! दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही फ्लाइट को हवा से ही मुड़ना पड़ा, 7 घंटे बाद सुरक्षित लैंडिंग”
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कई देशों ने अचानक अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसी वजह से इंडिगो की दिल्ली से मैनचेस्टर जाने वाली फ्लाइट को करीब सात घंटे उड़ान भरने के बाद वापस दिल्ली लौटना पड़ा। एयरलाइन ने सोमवार को इस घटना की पुष्टि की।

एयरलाइन के प्रवक्ता के मुताबिक, फ्लाइट 6E 033 दिल्ली से मैनचेस्टर के लिए रवाना हुई थी, लेकिन उड़ान के दौरान कुछ देशों द्वारा अंतिम समय में एयरस्पेस प्रतिबंध लागू कर दिए गए। इसके चलते विमान को सुरक्षा कारणों से वापस दिल्ली लौटना पड़ा।

एयरलाइन को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा?
प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम एशिया और उसके आसपास की स्थिति तेजी से बदल रही है। ऐसे हालात में कई उड़ानों को लंबा मार्ग लेना पड़ सकता है या उन्हें बीच रास्ते से ही मोड़ना पड़ सकता है। इसी वजह से इस उड़ान को भी अपने शुरुआती स्थान दिल्ली लौटना पड़ा।

एयरलाइन ने बताया कि यात्रियों की यात्रा फिर से शुरू कराने के लिए संबंधित अधिकारियों और एयरपोर्ट एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार यात्रियों, क्रू और विमान की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस घटना की जानकारी सबसे पहले फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म FlightRadar24 ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की थी। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान ने इथियोपिया और इरिट्रिया की सीमा के पास यू-टर्न लिया और भारत की ओर लौट गया। यह उड़ान 26 फरवरी के बाद दिल्ली-मैनचेस्टर रूट पर इंडिगो की पहली फ्लाइट थी।

फ्लाइट ट्रैकर के एक अन्य अपडेट में बताया गया कि 8 मार्च तक यूएई की प्रमुख एयरलाइनों और कतर एयरवेज के संचालन में भी बदलाव देखा गया। रविवार को एयर अरेबिया, एमिरेट्स और फ्लाईदुबई की उड़ान गतिविधियां बढ़ीं, जबकि एतिहाद एयरवेज और कतर एयरवेज ने पिछले दिन की तुलना में कम उड़ानें संचालित कीं।

एयरलाइन के शेयरों में आई गिरावट
इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजार में भी दिखा। सोमवार को इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयरों में दबाव देखा गया। बीएसई पर कंपनी का शेयर करीब 4 प्रतिशत गिरकर 4,236 रुपये पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 4,035.65 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले सप्ताह के बंद स्तर से लगभग 8.37 प्रतिशत कम है।

क्या है विशेषज्ञों की राय?
विश्लेषकों के अनुसार निवेशकों की चिंता का एक प्रमुख कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रमुख तेल उत्पादकों द्वारा उत्पादन घटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद रहने की आशंका के कारण कीमतें करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। माना जा रहा है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग, ईंधन लागत और एयरलाइंस के परिचालन पर इसका असर और बढ़ सकता है।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *