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Sunday 14 June 2026
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इंदौर में विदेशी मेहमानों ने लगाए पौधे, मेघदूत उपवन में बनी अनोखी ‘ब्रिक्स वाटिका’

इंदौर में विदेशी मेहमानों ने लगाए पौधे, मेघदूत उपवन में बनी अनोखी ‘ब्रिक्स वाटिका’
इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि सम्मेलन के बीच मेघदूत उपवन शनिवार को हरित विकास और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रतीक बन गया। यहां विशेष रूप से विकसित की गई ब्रिक्स वाटिका में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित विभिन्न देशों से आए कृषि मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने फलदार और औषधीय पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इससे ब्रिक्स वाटिका वैश्विक मित्रता की मिसाल बन गई।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सतत विकास की दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल
ब्रिक्स देशों के कृषि कार्य समूह की पांच दिनी बैठक के आखरी दिन शनिवार को मेघदूत उपवन में ब्रिक्स वाटिका में ब्रिक्स देशों और आमंत्रित सदस्य देशों के प्रतिनिधियों द्वारा 21 पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सतत विकास की दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल माना गया। इस विशेष वाटिका में कुल 51 फलदार पौधे लगाने की योजना है।

पौधा रोपण वाले स्थान के पास मेघदूत उपवन में ब्रिक्स इंडिया अंकित आकर्षक आइलैंड बनाया गया है। पौधा रोपण वाले स्थान पर वही गुलाबी उद्यान और विभिन्न विभिन्न देशों के राष्ट्रीय ध्वज के बोर्ड इस वाटिका का विशेष आकर्षण रहे।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

विभिन्न प्रजाति के पौधे लगाए
ब्रिक्स देशों ने अपनी पहचान के अनुरूप अलग-अलग पौधे लगाए। भारत ने आम और मोसंबी, ब्राजील ने कमरख, चीन ने नींबू, दक्षिण अफ्रीका ने बेलपत्र, मिस्र ने जामुन, ईरान ने लुच्ची, सऊदी अरब ने नीम, इंडोनेशिया ने अमरूद, यूएई ने कटहल तथा इथियोपिया ने पारिजात का पौधा लगाया।

वहीं आमंत्रित देशों में बेलारूस ने लाल आंवला, बोलीविया ने जमरूल, क्यूबा ने पीपल, मलेशिया ने अनार, थाईलैंड ने करौंदा, वियतनाम ने सिंदूर, उज्बेकिस्तान ने बरगद, युगांडा ने रुद्राक्ष, नाइजीरिया ने पीनट बटर फ्रूट तथा कजाकिस्तान ने पारिजात का पौधा रोपा।

कृषि मंत्री का दिखा सहज अंदाज
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का सहज अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने उपवन में कार्यरत सफाईकर्मी और उद्यान की महिलाओं के साथ फोटो खिंचवाई। लौटते समय दूर खड़ी महिलाओं और बच्चों को पास बुलाकर उनके साथ भी सेल्फी ली, जिससे माहौल आत्मीयता से भर गया।




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