Search
Monday 26 October 2026
  • :
  • :
Latest Update

फ्रांस में महंगाई और शिक्षा को लेकर हिंसक प्रदर्शन, 1300 से ज्यादा लोग हिरासत में; 53 पुलिसकर्मी घायल

फ्रांस में बढ़ती महंगाई, गिरती क्रय शक्ति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर हो रहे प्रदर्शनों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। शनिवार, 24 अक्टूबर को देशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने 1,314 लोगों को हिरासत में लिया। फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान करीब 53 पुलिसकर्मी घायल हुए। कई शहरों में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं।

देशभर में सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी
फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार के प्रदर्शनों में देशभर में लगभग 4.10 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। राजधानी पेरिस में करीब 1.10 लाख प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे, जबकि आयोजकों ने देशव्यापी भागीदारी का आंकड़ा इससे अधिक बताया।

प्रदर्शनकारियों ने महंगाई, वेतन, सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। छात्र संगठनों के साथ श्रमिक संगठनों और अन्य समूहों ने भी इन प्रदर्शनों में भाग लिया।

कई शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
पेरिस सहित कई शहरों में दिन के अंत में हालात तनावपूर्ण हो गए। कुछ स्थानों पर पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। कुछ दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा।

हालांकि, अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह हुए व्यापक उपद्रव की तुलना में इस बार नुकसान कम रहा। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पहले से जांच करने के कारण कई जगहों पर स्थिति को नियंत्रित रखने में मदद मिली।

शिक्षा व्यवस्था भी प्रदर्शन का बड़ा मुद्दा
फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर इमारतों और खराब शैक्षणिक सुविधाओं को लेकर छात्रों की नाराजगी से हुई थी। बाद में यह आंदोलन बढ़ती महंगाई, जीवनयापन की लागत और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े व्यापक मुद्दों तक फैल गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ते खर्च के बीच आम लोगों के लिए जीवनयापन मुश्किल होता जा रहा है। वहीं, सरकार ने हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

आगे भी जारी रह सकता है आंदोलन
प्रदर्शनकारी संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने 31 अक्टूबर को फिर से प्रदर्शन करने और 5 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल की योजना की घोषणा की है। ऐसे में फ्रांस सरकार के सामने महंगाई, वेतन, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर समाधान तलाशने की चुनौती बनी हुई है।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *