वाराणसी ज्ञानवापी विवाद मामले में वाराणसी जिला अदालत ने बुधवार को ज्ञानवापी के व्यास जी तहखाना में पूजा अर्चना की इजाजत दे दी 31 सालों से यह तहखाना बंद था अदालत ने कहा कि वाराणसी के डी एम 7 दिन के अंदर पुजारी नियुक्त करें ।और पूजा पाठ शुरू करें तहखाना का जिम्मा डीएम को सौंप दिया गया डीएम ने मुस्लिम पक्ष से तहखाने की चाबी अपने पास ले ली इसके 7 दिन बाद यानी 24 जनवरी को डीएम की मौजूदगी में ज्ञानवापी तहखाने का ताला खोला गया था इससे पहले 25 दिसंबर 2023 को शैलेंद्र व्यास ने वाराणसी अदालत में याचिका दायर की थी इसमें उन्होंने तहखाना में पूजा पाठ का अधिकार देने की मांग की थी करीब 4 महीने बाद वाराणसी अदालत ने फैसला सुनाया और पूजा अर्चना करने की अनुमति दी, इसके पहले ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट 25 जनवरी को देर रात सार्वजनिक हुई थी इस रिपोर्ट के मुताबिक परिसर के अंदर भगवान विष्णु गणेश और शिवलिंग की मूर्ति मिली है।रिपोर्ट में पूरे परिसर को मंदिर के स्ट्रक्चर पर खड़ा बताते हुए 34 साक्ष्य का जिक्र किया गया था मंदिर परिसर के अंदर महा मुक्ति मंडप नाम का एक शीला पट भी मिला है ऐ एस आई रिपोर्ट में लिखा कि ज्ञानवापी में एक बड़ा हिंदू मंदिर मौजूद था 17 वीं शताब्दी में जब औरंगजेब का शासन था उसी वक्त ज्ञानवापी स्ट्रक्चर को तोड़ा गया कुछ हिस्सों को मॉडिफाई किया गया मूल रूप को प्लास्टर कर चुने से छुपाया गया 839 पेज की रिपोर्ट में एएसआई ने परिसर के प्रमुख स्थान का जिक्र किया ज्ञानवापी की दीवारों शीला पत्थरों पर चार भाषाओं का जिक्र मिला इसमें देवनागरी कन्नड़ तेलुगू और ग्रंथ भाषाएं हैं इसके अलावा भगवान शिव के तीन नाम भी मिले हैं जनार्दन रुद्र और ओंकारेश्वर सारे परिसर के पिलर पहले मंदिर के थे जिन्हें दोबारा इस्तेमाल कर बनाया गया इन्हीं साक्ष के आधार पर कोर्ट ने उसे स्थान पर पूजा पाठ करने की अनुमति दे दी है जो आज से शुरू हो गयी। जो 30 साल बाद विवादित परिसर में पूजा अर्चना की तहखाने की पहली तस्वीर। 30 साल बाद देखने को मिली उत्सव में जले दीप। पूजा-अर्चना के बाद मंगला आरती भी हुई
ज्ञानव्यापी तहखाने में पूजा अर्चना शुरू
Feb 01, 2024Kodand Garjanaधर्म रहस्य0Like
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