2026 में 19 साल बाद बन रहा 8 ‘बड़े मंगल’ का महासंयोग
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ (जेठ) के महीने का एक अलग ही महत्व है, खासकर हनुमान भक्तों के लिए। इस महीने में पड़ने वाले मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है। लेकिन, साल 2026 कोई साधारण साल नहीं होने वाला है। इस बार कुछ ऐसा होने जा रहा है जो पिछले 19 सालों में नहीं हुआ।
क्यों खास है 2026 का बड़ा मंगल?
आमतौर पर ज्येष्ठ के महीने में 4 या 5 बड़े मंगल पड़ते हैं, लेकिन साल 2026 में हनुमान जी की कृपा बरसाने के लिए पूरे 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, यह एक बेहद दुर्लभ संयोग है जो करीब 19 साल बाद बन रहा है।
इस साल ज्येष्ठ का महीना थोड़ा लंबा होने के कारण भक्तों को बजरंगबली की सेवा करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। लखनऊ सहित पूरे उत्तर भारत में इस दौरान भंडारों और सेवा की एक अलग ही लहर देखने को मिलती है।
क्या है इसके पीछे की पौराणिक कथा?
धार्मिक मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों (जैसे रामचरितमानस और क्षेत्रीय लोक कथाओं) के अनुसार, ज्येष्ठ के महीने में ही भगवान राम की मुलाकात अपने परम भक्त हनुमान जी से हुई थी। इसी महीने में हनुमान जी ने भीम का घमंड भी तोड़ा था, इसलिए उन्हें ‘बुढ़वा मंगल’ (वृद्ध हनुमान) के रूप में पूजा जाता है।
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हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी तिथियों का ऐसा संयोग बनता है, तो वह कालखंड पूजा-पाठ के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
2026 बड़े मंगल की महत्वपूर्ण तारीखें
अगर आप भी हनुमान जी के दर्शन और भंडारे की योजना बना रहे हैं, तो इन तारीखों को नोट कर लें:
पहला बड़ा मंगल: 5 मई 2026
दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई 2026
तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई 2026
चौथा बड़ा मंगल: 26 मई 2026
पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून 2026
छठा बड़ा मंगल: 9 जून 2026
सातवां बड़ा मंगल: 16 जून 2026
आठवां बड़ा मंगल: 23 जून 2026
कैसे करें बजरंगबली को प्रसन्न?
इस खास संयोग का लाभ उठाने के लिए आप कुछ सरल उपाय कर सकते हैं:
सुंदरकांड का पाठ: इन आठों मंगल के दौरान सुंदरकांड का पाठ करना मानसिक शांति और तरक्की दिलाता है।
भंडारा और सेवा: राहगीरों को ठंडा पानी पिलाना या शरबत का वितरण करना इस चिलचिलाती गर्मी में सबसे बड़ी सेवा मानी गई है।
चोला अर्पण: हनुमान जी को सिंदूरी चोला और चमेली का तेल अर्पित करने से कष्ट दूर होते हैं।
