अमेरिका में डाक मतपत्रों से मतदान के नियमों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के फैसले में निचली अदालत द्वारा लगाए गए उस प्रतिबंध को हटा दिया, जिसने ट्रंप प्रशासन के डाक मतपत्रों पर रोक संबंधी कार्यकारी आदेश के एक हिस्से को लागू होने से रोक रखा था।
हालांकि, कोर्ट ने ट्रंप के कार्यकारी आदेश की वैधानिकता पर अंतिम फैसला नहीं दिया है। अदालत ने कहा कि इस चरण में आदेश को चुनौती देने वाले राज्यों के पास मुकदमा दायर करने का पर्याप्त कानूनी आधार नहीं था। इसके चलते ट्रंप प्रशासन को आदेश को आगे बढ़ाने का रास्ता मिला है, लेकिन मामले में आगे भी कानूनी चुनौती जारी रहने की संभावना है।
ट्रंप के मार्च 2026 के कार्यकारी आदेश में डाक मतपत्र पाने वाले पात्र मतदाताओं की सूची तैयार करने और अमेरिकी डाक सेवा के जरिए केवल सत्यापित मतदाताओं तक मतपत्र पहुंचाने जैसी व्यवस्था का प्रस्ताव है। समर्थकों का कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ेगी, जबकि विरोधी दलों और मतदान अधिकार समूहों ने इसे मतदाताओं के अधिकारों के लिए खतरा बताया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद आदेश के कुछ हिस्सों पर अलग न्यायिक रोक बनी हुई है। ऐसे में नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक टकराव जारी रहने के आसार हैं।
