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Monday 23 March 2026
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ठाकरे बंधुओं से कांग्रेस ने बनाई दूरी

ठाकरे बंधुओं से कांग्रेस ने बनाई दूरी
राज्य चुनाव आयोग की तरफ से सोमवार (15 दिसंबर) को बीएमसी चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिका का चुनाव 15 जनवरी को होगा. जिनके परिणाम 16 जनवरी को आएंगे. इस चुनाव के लिए महायुति तो अपनी तैयारी में जुट चुकी है. लेकिन महाविकास आघाड़ी का मामला अब तक सेट नहीं हो पाया. इस बार कांग्रेस ठाकरे बंधुओं से दूरी बना रही है. इसको लेकर महाविकास अघाड़ी में पेच फंसता हुआ दिख रहा है.

ठाकरे भाइयों के बीच हाल के दिनों में बढ़ी करीबी से शिवसेना उद्धव गुट के नेता अब बीएमसी चुनाव को लेकर सिर्फ MNS से करीबी बढ़ा रहे हैं. कहीं न कहीं कांग्रेस को दरकिनार कर MNS के साथ युति बना रहे है. कांग्रेस ने बताया कि उनकी तैयारी पूरी है. इन 29 महानगरपालिका में ठाणे के TMC, पुणे के PMC और मुंबई के सबसे अमीर महानगरपालिका बीएमसी पर खास तौर पर राजनीतिक पार्टियों के दांव हैं.

शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने कांग्रेस को दिखाए तेवर
महाविकास आघाड़ी की तस्वीर अब सिर्फ नाम की दिखाई दे रही है. उद्धव ठाकरे की सेना अब सहयोगी दल कांग्रेस को तेवर दिखाने लगे हैं. संजय राउत लगातार कह रहे थे कि बीएमसी चुनाव को लेकर हम हाईकमान से बात करेंगे. अब उनका कहना है कि दिल्ली कांग्रेस हाईकमान ने निर्णय लोकल कांग्रेस को दिया है, फैसला उनका है.

महाविकास अघाड़ी का तो नहीं पता लेकिन सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी बैठक और तैयारी शुरू कर दी हैं. मुंबई कांग्रेस में बैठकों के दौर चल रहे हैं. चर्चाएं तेज हैं कि कांग्रेस बीएमसी चुनाव अकेले ही लड़ने की योजना बना रही है.

ऐसे में AIMIM के साथ जाने और उद्धव की सेना की बेरुखी पर महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा कि मुंबई में बीएमसी चुनाव नहीं लेकिन बाकी महानगरपालिका चुनाव में शिवसेना UBT और MNS के साथ चुनाव लड़ेगी कांग्रेस. यानी बीएमसी चुनाव में साथ नहीं लेकिन बाकी चुनाव में साथ हैं.

शरद पवार की पार्टी ने साफ कर दी तस्वीर
ऐसे में इस स्थिति में अलग-थलग पड़ी शरद पवार की एनसीपी किसी भी विवाद से बचते हुए कह दिया है कि इस महानगरपालिका चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महाविकास आघाड़ी के साथ ही हर जगह गठबंधन में चुनाव लड़ेगी.

ऐसे में महाविकास आघाड़ी के बयान से एक बात साफ है कि अपना फायदा देखकर ही हर जगह गठबंधन का इस्तेमाल किया जा रहा है. जहां नुकसान वहां अकेले जहां दूसरों पर आधारित रहने की जरूरत वहां महाविकास अघाड़ी का नारा हम साथ-साथ हैं.




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