सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मिली छुट्टी, गुरुग्राम के वेदांता में किए गए शिफ्ट
नीट पेपर लीक के विरोध में आमरण अनशन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को मंगलवार (21 जुलाई, 2026) को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और इसके बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है. यह घटनाक्रम दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सामने आया है.
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट के मंगलवार (21 जुलाई, 2026) के आदेश के तहत सोनम वांगचुक को आगे के इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों की टीम को सौंपा गया है. वहीं, उनके इलाज में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए वांगचुक के सभी मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और उपचार संबंधी दस्तावेज भी मेदांता की मेडिकल टीम को सौंप दिया गया है.
शाम करीब साढ़े छह बजे वांगचुक को किया गया डिस्चार्ज
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को शाम 6:40 बजे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को VMMC और सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया. डिस्चार्ज के समय उनके वाइटल पैरामीटर स्थिर पाए गए. हालांकि, पैनसाइटोपेनिया (Pancytopenia) की स्थिति अभी भी बनी हुई है. वहीं, सीरम पोटैशियम स्तर 3.4 mEq/L दर्ज किया गया.
गीतांजलि आंग्मो की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया आदेश
जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को तीन दिन पहले शनिवार (18 जुलाई, 2026) को दिल्ली पुलिस ने तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए तत्काल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में भर्ती कराया गया. वहीं, उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट से वांगचुक को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति के लिए याचिका दाखिल की.
दिल्ली हाई कोर्ट की एकल बेंच ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को गीतांजलि आंग्मो की याचिका के विपरीत आदेश दिया. जिसके बाद, उन्होंने आदेश को चुनौती देते हुए फिर से याचिका दाखिल की. इस बार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश यानी दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली दो जजों की बेंच ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराने के आदेश दिया.
