आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा को लेकर नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) ने बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए देशभर के 48 आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता पर रोक लगा दी है। इस सूची में मध्य प्रदेश के 9 आयुर्वेद कॉलेज भी शामिल हैं।
मानकों में कमी मिलने पर कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित कॉलेजों में निरीक्षण के दौरान कई तरह की कमियां सामने आईं। इनमें टीचिंग स्टाफ की कमी, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति से जुड़ी समस्या, निरीक्षण कराने से प्रबंधन का इनकार और अस्पताल में निर्धारित मानकों के अनुरूप मरीजों की संख्या नहीं होना शामिल है। इन कमियों को देखते हुए NCISM ने मान्यता पर रोक लगाने का निर्णय लिया।
MP के 9 कॉलेज भी सूची में
NCISM की कार्रवाई का असर मध्य प्रदेश के 9 आयुर्वेद कॉलेजों पर पड़ा है। इसके अलावा कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के 8-8, गुजरात के 7, पंजाब के 4, राजस्थान और महाराष्ट्र के 3-3 तथा हरियाणा के 2 कॉलेज इस सूची में शामिल हैं। बिहार, छत्तीसगढ़, नई दिल्ली और उत्तराखंड के एक-एक कॉलेज पर भी कार्रवाई की गई है।
सिर्फ 2026-27 सत्र के लिए रोक
रिपोर्ट के अनुसार, यह रोक फिलहाल एक शैक्षणिक सत्र यानी 2026-27 के लिए है। आयुर्वेद मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने इसे आयुर्वेद शिक्षा और छात्रहित से जुड़ा कदम बताया है।
NCISM की कार्रवाई के बाद संबंधित कॉलेजों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों तथा संस्थानों के बीच स्थिति पर नजर बनी हुई है। कॉलेजों को निर्धारित मानकों और आवश्यक शैक्षणिक एवं अस्पताल संबंधी व्यवस्थाओं को पूरा करना होगा।
