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Saturday 14 February 2026
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एनएचएआई के नए नियम 2026, 15 फरवरी से टोल टैक्स में बड़े बदलाव

एनएचएआई के नए नियम 2026, 15 फरवरी से टोल टैक्स में बड़े बदलाव
भारत में यात्रा करने के दौरान सड़क सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सरकार कई नए कदम उठाती रहती है. अब सरकार ने नेशनल एक्सप्रेसवे (नेशनल हाईवे) पर टोल वसूली के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. इससे न सिर्फ आम नागरिकों को बल्कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी राहत मिलने वाली है. यह बदलाव 15 फरवरी 2026 से लागू होगा और इसके तहत, जिन राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे का काम पूरा नहीं हुआ है, उन पर केवल चालू हिस्से के हिसाब से टोल लिया जाएगा, न कि पूरे एक्सप्रेसवे के हिसाब से, साथ ही, यह टोल दर सामान्य राष्ट्रीय राजमार्ग के हिसाब से होगी, जो आमतौर पर कम होती है.

अब तक, जब कोई एक्सप्रेसवे पूरी तरह से तैयार नहीं होता था और कुछ हिस्सों पर काम चल रहा होता था, तो भी यात्रियों से पूरा टोल वसूला जाता था. यह व्यवस्था आमतौर पर यात्रियों को आर्थिक बोझ में डाल देती थी. लोग इसे लेकर कई बार नाराजगी भी जाहिर करते थे, क्योंकि कुछ हिस्सों पर निर्माण कार्य चलने के बावजूद उन्हें पूरा शुल्क चुकाना पड़ता था. अब सरकार ने इसे ध्यान में रखते हुए एक अहम बदलाव किया है, जिसके तहत, केवल उस हिस्से पर टोल लिया जाएगा, जो पूरी तरह से चालू और तैयार है.

पुरानी व्यवस्था में क्या था?
पहले की व्यवस्था में, जब एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा ही चालू होता था, तो वाहन चालकों से पूरा टोल लिया जाता था. दरअसल, एक्सप्रेसवे की टोल दरें आम राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा होती हैं. इसकी वजह यह है कि एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने से यात्री तेज और बिना रुकावट के सफर का अनुभव करते हैं. यहां ट्रैफिक बाधाएं कम होती हैं, और मार्ग बेहतर होते हैं, जिससे यात्रा में समय की बचत होती है, लेकिन जब एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा ही तैयार होता था, तब भी यात्रियों से पूरी टोल दर ली जाती थी. यह एक असमान व्यवस्था थी, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता था.

नए नियमों के तहत क्या होगा?
अब सरकार ने नए नियमों का ऐलान किया है, जिसके अनुसार, अगर कोई एक्सप्रेसवे पूरी तरह से तैयार नहीं है, तो उस पर केवल उस हिस्से के लिए टोल लिया जाएगा, जो चालू है. साथ ही, उस हिस्से पर टोल की दर सामान्य राष्ट्रीय राजमार्ग के हिसाब से होगी, जो कि एक्सप्रेसवे की दर से कम होती है. इसका मतलब है कि अब अगर कोई एक्सप्रेसवे आधे में ही तैयार है, तो यात्रियों को उतनी ही राशि का भुगतान करना होगा, जितनी सुविधा वह हासिल कर रहे हैं. यह कदम खासकर उन यात्रियों के लिए राहत का कारण बनेगा जो रोजाना या नियमित रूप से एक्सप्रेसवे का यूज करते हैं. इससे उनकी यात्रा लागत में कमी आएगी और टोल वसूली में पारदर्शिता आएगी.

कब से लागू होगा यह नियम?
यह बदलाव 15 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा. इसके बाद, जहां-जहां एक्सप्रेसवे आंशिक रूप से चालू होंगे, वहां नए नियम लागू होंगे. सरकार का मानना है कि यह कदम यात्रा को अधिक किफायती और सुगम बनाने की दिशा में उठाया गया है. इससे न सिर्फ यात्री फायदे में होंगे, बल्कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी सुधार होगा.




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