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एक्ट ईस्ट’ नीति को बढ़ावा देगा आईआईएमसी आइजोल का सामुदायिक रेडियो : अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली : गुरूवार, जुलाई 25, 2024/ केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री (आई एंड बी) अश्विनी वैष्णव ने आज 10वें राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की। मंत्री ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन और मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा की उपस्थिति में भारत के 500वें सामुदायिक रेडियो स्टेशन का भी उद्घाटन किया। ‘अपना रेडियो 90.0 एफएम’ स्टेशन भारतीय जनसंचार संस्थान, आइजोल द्वारा संचालित एक स्टेशन है।

भारत की सामुदायिक रेडियो यात्रा में इस घटना की जानकारी देते हुए, वैष्णव ने कहा कि यह पहल अपना रेडियो स्टेशन के कवरेज क्षेत्र में लोगों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाएगी। उन्होंने आगे कहा कि यह शुरूआत सरकार की एक्ट ईस्ट नीति में भी एक महत्वपूर्ण घटना है। मंत्री ने मिजोरम के मुख्यमंत्री को बताया कि केन्द्रीय बजट में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए रेलवे बजट के तहत रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। इससे अच्छी रेलवे कनेक्टिविटी पाने का मिजोरम का लंबे समय से संजोया हुआ सपना पूरा होगा।

मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आईआईएमसी आइजोल में अपना रेडियो स्टेशन राज्य के लिए संचार में एक नया अध्याय लिखेगा। कृषि क्षमता काफी अधिक होने के कारण मिजोरम मुख्य रूप से कृषि प्रधान राज्य है। किसान समुदाय के लिए सामुदायिक रेडियो स्टेशन की स्थापना करना बेहद फायदेमंद होगा, क्योंकि इससे उन्हें मौसम की दैनिक जानकारी, सरकारी योजनाएं और कृषि संबंधी जानकारी मिलेगी। उन्होंने इस परियोजना को वास्तविकता में बदलने में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और अन्य सभी हितधारकों की उनके अटूट समर्थन और समर्पण के लिए सराहना की।

केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने ऐसे स्टेशनों की सामाजिक रूप से लाभकारी प्रकृति पर प्रकाश डाला और कहा कि निजी रेडियो चैनलों की व्यावसायिक प्रकृति के विपरीत, सामुदायिक रेडियो स्टेशन अंतिम छोर तक सूचना के प्रसार के प्रति प्रतिबद्धता के कारण स्थापित किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय इन स्टेशनों की भूमिका काफी बढ़ जाती है।

इस अवसर पर उपस्थित सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सचिव संजय जाजू ने कहा कि सामुदायिक रेडियो स्टेशन कृषि, किसान कल्याण के लिए सरकारी योजनाओं, मौसम संबंधी जानकारी आदि से संबंधित सूचनाओं के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये एक अनूठा मंच प्रदान करते हैं, जहां वैकल्पिक आवाजें सुनी जा सकती हैं और स्थानीय बोलियों और क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री वितरित की जाती है। ये सामुदायिक रेडियो समाज के गरीब और हाशिए पर पड़े वर्ग के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, जिनकी मुख्यधारा के मीडिया तक पहुंच नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालय देश भर में सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है।

आईआईएमसी की कुलपति डॉ. अनुपमा भटनागर ने कहा कि ‘अपना रेडियो 90.0 एफएम’ का उद्घाटन मिजोरम के इतिहास में एक नया अध्याय है, जो संवाद के माध्यम से समुदायों को एक साथ लाएगा, स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करेगा, नागरिकों को बढ़ावा देगा और उन्हें सशक्त बनाएगा।

 




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