Search
Tuesday 24 March 2026
  • :
  • :
Latest Update

छत्तीसगढ़ में 57 मार्गों पर बस संचालन

छत्तीसगढ़ में 57 मार्गों पर बस संचालन
छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार (BJP Government) द्वारा ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना (CM Rural Bus Scheme) 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना उन ग्रामों तक सार्वजनिक परिवहन पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जहां अब तक यात्री बस (Yatri Bus) सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना के प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों को सम्मिलित किया गया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में अब तक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत कुल 57 चयनित मार्गों पर 57 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। इन बसों के माध्यम से कुल 330 नए गांवों तक पहली बार (First Time) यात्री बस सुविधा पहुंची है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को जनपद मुख्यालय, नगरीय क्षेत्र, तहसील मुख्यालय तथा जिला मुख्यालयों से जोड़ना है, जहां पूर्व में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) की सुविधा नहीं थी। इससे ग्रामीण नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार (Employment) और प्रशासनिक सेवाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित हो रही है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत बस संचालकों (Bus Operators) को राज्य शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता (Financial Assistance) प्रदान की जा रही है। प्रथम वर्ष 26 रुपए प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष 24 रुपए प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष 22 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से सहायता दी जा रही है।

इसके अतिरिक्त सीएम रूरल बस स्कीम (Chief Minister Rural Bus Yojana) के तहत गासिक कर में पूर्णतः छूट अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जा सके। मार्ग चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी (Transparent) रखी गई है। इस योजना के अंतर्गत मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, ताकि वास्तविक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सके।

चयनित मार्गों पर बस संचालन (Bus Operation) हेतु निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है। निविदा के माध्यम से न्यूनतम वित्तीय दर प्रस्तावित करने वाले पात्र आवेदक का चयन किया जाता है, जिससे शासन पर न्यूनतम वित्तीय भार पड़े और सेवा सतत बनी रहे। निविदा (Tender) में चयनित आवेदक से विधिवत परमिट आवेदन प्राप्त कर सुनवाई की प्रक्रिया के उपरांत बस संचालन हेतु परमिट जारी किया जाता है। इससे नियामकीय प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाता है।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *