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Sunday 22 March 2026
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बुमराह को रेस्ट दिये जाने पर गंभीर और टीम मैनेजमेंट पर भड़के डिविलियर्स

बुमराह को रेस्ट दिये जाने पर गंभीर और टीम मैनेजमेंट पर भड़के डिविलियर्स
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला 2 जुलाई 2025 से खेला जाएगा। बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले जाने वाले इस मैच में स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह नहीं खेलेंगे। लीड्स टेस्ट में मिली हार के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते इस सीरीज में पांच में से केवल तीन टेस्ट मैच खिलाए जाएंगे ताकि उनकी फिटनेस बरकरार रहे।

डिविलियर्स ने भारतीय टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए
टीम मैनेजमेंट और कोच के इस फैसले से दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स खुश नहीं हैं। उन्होंने गंभीर और भारतीय टीम मैनेजमेंट की आलोचना करते हुए बुमराह के वर्कलोड को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने की सलाह दी और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का उदाहरण पेश किया।

बुमराह को आराम दिये जाने से नाराज़ डिविलियर्स
एबी डिविलियर्स ने बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट पर गंभीर के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि टेस्ट क्रिकेट खेल का सर्वोच्च प्रारूप है और भारतीय टीम को इस महत्वपूर्ण सीरीज में बुमराह की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा, “मेरी राय में टेस्ट क्रिकेट खेल का सर्वोच्च प्रारूप है। मेरे विचार से बुमराह की सबसे ज्यादा जरूरत इस टेस्ट सीरीज में है और उन्हें सभी मुक़ाबले खेलने चाहिए। क्योंकि अभी यह युवा टीम है और उनके अनुभव की उन्हें ज़रूरत है।”

डेल स्टेन का उदाहरण देते हुए कही ये बात
डिविलियर्स ने यह भी तर्क दिया कि बुमराह जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाज को कम प्राथमिकता वाले टी20 और वनडे मैचों में आराम देना चाहिए, न कि टेस्ट सीरीज जैसे बड़े मंच पर। डिविलियर्स ने डेल स्टेन का उदाहरण देते हुए कहा, “हम डेल स्टेन के साथ यही किया करते थे। उन्हें कम महत्वपूर्ण टी20 और वनडे सीरीज में आराम दिया जाता था। स्टेन को ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के खिलाफ बड़ी टेस्ट सीरीज के लिए तैयार रहने के लिए कहा जाता था। कुछ हद तक न्यूजीलैंड के खिलाफ भी, यह तब की रैंकिंग पर निर्भर करता था।”

गौतम गंभीर का तर्क
डिविलियर्स का मानना है कि बुमराह को भी इसी तरह मैनेज किया जाना चाहिए ताकि वह इंग्लैंड जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पूरी सीरीज में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकें। दूसरी ओर, गौतम गंभीर का मानना है कि बुमराह की फिटनेस और प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए उनके वर्कलोड को मैनेज करना जरूरी है। पहले टेस्ट में हार के बाद गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि बुमराह को तीन टेस्ट खिलाने का फैसला उनकी फिटनेस और सीरीज की लंबाई को ध्यान में रखकर लिया गया है। गंभीर का तर्क है कि बुमराह जैसे प्रमुख खिलाड़ी को चोट से बचाने और उनके करियर को लंबा करने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है।




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