‘वंदे मातरम्’ को लेकर देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों और वोट बैंक की राजनीति के चलते ‘वंदे मातरम्’ जैसे राष्ट्रीय गीत की भावनाओं को नजरअंदाज किया।
बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना जगाने वाला महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस नेतृत्व ने समय-समय पर इसे लेकर ऐसा रुख अपनाया, जिससे राष्ट्रवादी भावनाओं को ठेस पहुंची।
भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कांग्रेस की पिछली सरकारों की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए। बीजेपी ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों और देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
वहीं, कांग्रेस की ओर से बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा गया है कि ‘वंदे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय एकता का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी ने हमेशा संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी है।
‘वंदे मातरम्’ को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मुद्दा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर और अधिक चर्चा में आ गया है। दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
