वियतनाम यात्रा
कुछ यात्राएँ देखी जाती हैं,
और कुछ यात्राएँ महसूस की जाती हैं।
वियतनाम दा नांग का बा ना हिल्स यात्रा बिल्कुल सपनो जैसी, बादलों का वह स्पर्श अहेतुक था…
जब हम दा नांग से केबल कार में बैठकर ऊपर बा ना हिल्स की ओर बढ़ रहे थे, तब नीचे की दुनिया धीरे-धीरे धुंध में खोने लगी। जैसे-जैसे ऊँचाई बढ़ी, वैसे-वैसे हम धरती से नहीं, बल्कि अपनी चिंताओं से दूर होते गए। कुछ ही पलों में हम बादलों के बीच थे—ऐसे बादल, जो देखने की वस्तु नहीं थे, बल्कि महसूस किए जा सकते थे।
बा ना हिल्स की खूबसूरती किसी दृश्य की तरह सामने नहीं आती, वह आपको चुपचाप छूती है। कभी हल्की ठंडक बनकर, कभी चेहरे से गुजरती नमी बनकर। यहाँ हर पल मौसम बदलता है—सुबह की हल्की धूप, दोपहर की धुंध, शाम की ठंडी हवा और अचानक आती बादलों की फुहार। ऐसा लगता है मानो प्रकृति खुद अपने भाव बदल रही हो।
मैं जब गोल्डन ब्रिज पर खड़ी थी तो लगा जैसे ईश्वर ने अपने हांथो में पूरी दुनियां को धारण कर रखा है होल्डन ब्रिज को थामे दोनो हाँथ साक्षात ईश्वर की अनुभूति , तब नीचे फैले बादलों को देखकर ऐसा महसूस हुआ जैसे मैं किसी पुल पर नहीं, बल्कि आकाश और धरती के बीच खड़ी हूँ। हवा इतनी नर्म थी कि वह स्पर्श किए बिना भी दिल को छू जाती थी। बादल कभी सामने से आते, कभी पैरों के नीचे बहते—और हर बार मन को किसी अनकहे सुकून से भर देते।
बा ना हिल्स में समय की गति बदल जाती है। यहाँ घड़ी नहीं चलती, केवल एहसास चलते हैं। कभी-कभी अचानक बारिश की हल्की बूँदें गिरतीं, और अगले ही पल धूप मुस्कुरा देती। उस क्षण मुझे लगा—यही तो जीवन है, पल-पल बदलता हुआ, लेकिन हर रूप में सुंदर।
यहाँ खड़े होकर मैंने जाना कि सुंदरता हमेशा भव्य नहीं होती। कभी-कभी वह बस एक ठंडी हवा होती है, जो आपके गाल को छूकर निकल जाती है। एक बादल होता है, जो बिना कुछ कहे आपकी आँखों में उतर जाता है। बा ना हिल्स ने मुझे शोर नहीं दिया, उसने मुझे शांति दी।
जब मैं वहाँ से लौटी, तो साथ में तस्वीरें कम एहसास ज्यादा लेकर लौटी।
एक ऐसा एहसास, जो आज भी आँखें बंद करते ही
ठंडी हवा बनकर मेरे भीतर बहने लगता है।
वियतनाम की यात्रा से लौटकर कुछ एहसास लिखने का प्रयास किया ….
बा ना हिल्स सपनो की दुनियां जहाँ समय की गति रुक जाती है…
Jan 09, 2026Kodand Garjanaदेश विदेश0Like
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