भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में आयोजित होने वाला दीपोत्सव इस बार दीपों की जगमगाहट के साथ देश की विविध लोक संस्कृतियों और पारंपरिक कलाओं का भी भव्य संगम बनेगा। आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध लोक परंपराओं की झलक पेश करेंगे।
दीपोत्सव के दौरान विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक संगीत दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। कलाकार अपनी क्षेत्रीय वेशभूषा, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और अनूठी कला शैलियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर जीवंत करेंगे।
इस आयोजन का उद्देश्य भगवान श्रीराम की नगरी में दीपोत्सव को धार्मिक और आध्यात्मिक उत्सव के साथ-साथ राष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता के उत्सव के रूप में प्रस्तुत करना है। देश के अलग-अलग हिस्सों की लोक कलाओं को एक मंच मिलने से कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
दीपों से रोशन अयोध्या में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां उत्सव की भव्यता को और बढ़ाएंगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक ही स्थान पर देश की विविध लोक परंपराओं, संगीत और नृत्य का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
