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Tuesday 3 November 2026
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दीपावली से पहले दो दिन बनेंगे महामुहूर्त, 128 साल बाद रवि पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग; खरीदारी और निवेश के लिए रहेंगे शुभ अवसर

दीपावली के पर्व से पहले इस वर्ष ज्योतिषीय दृष्टि से कई विशेष संयोग बनने जा रहे हैं। रवि पुष्य नक्षत्र के साथ अन्य शुभ योगों का संयोग होने से खरीदारी, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत के लिए विशेष मुहूर्त उपलब्ध होंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान सोना-चांदी, वाहन, संपत्ति और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ फलदायी माना जाता है।

रवि पुष्य नक्षत्र का संयोग रविवार के दिन बनने से इसका विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में पुष्य नक्षत्र को समृद्धि, स्थायित्व और शुभता का प्रतीक माना गया है। वहीं, सूर्य से जुड़े रवि योग के कारण इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।

1 और 2 नवंबर को दो दिन विशेष संयोग
इस बार 1 नवंबर रविवार को रवि पुष्य योग बन रहा है। पुष्य नक्षत्र 1 नवंबर सुबह 5:39 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर सुबह 4:30 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है। इस दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, दोनों दिन खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माने जा रहे हैं।

इन वस्तुओं की खरीदारी मानी जाती है शुभ

सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के।

वाहन, मकान, जमीन और प्लॉट।

इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुएं।

लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और पूजा सामग्री।

व्यापार के लिए नए बही-खाते और उपकरण।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई वस्तुएं स्थायी समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं। व्यापारी इस अवसर पर नए बही-खाते शुरू करते हैं, जबकि कई लोग नए कारोबार और निवेश की शुरुआत भी करते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं में विशेष महत्व
पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में विशेष स्थान प्राप्त है। इसे समृद्धि, शुभता और स्थायित्व से जोड़कर देखा जाता है। रविवार को पुष्य नक्षत्र पड़ने पर रवि पुष्य योग बनता है। दीपावली से पहले इस संयोग के कारण बाजारों में सोने-चांदी, वाहन और संपत्ति की खरीदारी को लेकर विशेष उत्साह रहने की उम्मीद है।




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