मध्य प्रदेश के इंदौर में मोबाइल लूट की एक वारदात का खुलासा बेहद दिलचस्प तरीके से हुआ। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान करीब 120 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और बदमाशों की गतिविधियों को ट्रैक किया। इस पूरी जांच में बिरयानी से जुड़ा एक सुराग भी पुलिस के लिए अहम साबित हुआ।
जानकारी के मुताबिक, जोमैटो के डिलीवरी ब्वॉय से मोबाइल लूटने की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। शुरुआत में बदमाशों की पहचान करना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आरोपियों के संभावित रास्तों तक लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को एक-एक कर खंगाला।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की आवाजाही से जुड़े कई सुराग मिले। CCTV फुटेज को जोड़ते हुए पुलिस ने उनके आने-जाने के रास्ते को ट्रेस किया। इसी क्रम में बिरयानी से जुड़ा सुराग भी सामने आया, जिसने जांच को नई दिशा दी और पुलिस बदमाशों तक पहुंचने में कामयाब हुई।
पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार CCTV फुटेज की पड़ताल के बाद मोबाइल लूट में शामिल दो आरोपियों को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई से एक बार फिर सामने आया कि शहर में लगे CCTV कैमरे अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस के लिए कितने उपयोगी साबित हो रहे हैं।
इंदौर पुलिस पहले भी मोबाइल झपटमारी के मामलों में CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंच चुकी है। आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड में भी CCTV फुटेज के जरिए मोबाइल स्नैचिंग के आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी का उल्लेख है।
