आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीजों पर महंगाई का एक और असर देखने को मिल सकता है। बिस्किट, साबुन, खाद्य तेल और अन्य FMCG उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रमुख FMCG कंपनियां सितंबर तिमाही में कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।
लागत बढ़ने से कंपनियों पर दबाव
FMCG कंपनियों के लिए कच्चे माल की लागत में बदलाव, पैकेजिंग खर्च, लॉजिस्टिक्स और अन्य इनपुट कॉस्ट लगातार महत्वपूर्ण चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में कंपनियां लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए उत्पादों की कीमत बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।
बिस्किट से लेकर साबुन तक पर असर
संभावित कीमत बढ़ोतरी का असर रोजाना इस्तेमाल होने वाले कई उत्पादों पर पड़ सकता है। इनमें बिस्किट, साबुन, खाद्य तेल, पर्सनल केयर और होम केयर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। हालांकि, हर कंपनी और उत्पाद की कीमत में बढ़ोतरी अलग-अलग हो सकती है।
छोटे पैक हो सकते हैं महंगे
कंपनियां कीमत बढ़ाने के साथ-साथ पैकेज के आकार में बदलाव का विकल्प भी अपना सकती हैं। इससे सीधे तौर पर MRP में बड़ा बदलाव किए बिना प्रति यूनिट लागत को समायोजित किया जा सकता है। खासकर कम कीमत वाले पैक में इस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
ग्राहकों की जेब पर बढ़ेगा बोझ
FMCG उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की कीमत बढ़ने से घरेलू खर्च बढ़ने की संभावना है। हालांकि, अंतिम कीमतों और बढ़ोतरी की मात्रा का फैसला संबंधित कंपनियों की ओर से किया जाएगा।
