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Wednesday 4 February 2026
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उन्नाव रेप केस में दिल्ली HC के जजों पर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भड़के CJI

उन्नाव रेप केस में दिल्ली HC के जजों पर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भड़के CJI
उन्नाव रेप कांड के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी। वहीं, सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीशों, न्यायमूर्ति सुब्रमणियन प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन के खिलाफ सोशल मीडिया पर आक्रोश का भी उल्लेख हुआ। जिस पर CJI सूर्यकांत ने इसे “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए आलोचना की और कहा कि लोग इस स्थिति का “राजनीतिक लाभ” लेने की कोशिश कर रहे हैं।

अदालत के भीतर बहस करें- CJI
सुनवाई के दौरान, वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ डेव और एन हरिहरन, जिन्होंने सेंगर का पक्ष रखा उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट के दोनों न्यायाधीशों के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने CBI के विरोध के बावजूद सेंगर को जमानत दी। हरिहरन ने कहा कि यह व्यवहार अदालत के अपमान के बराबर हो सकता है, जबकि डेव ने बताया कि न्यायाधीशों की तस्वीरें ऑनलाइन साझा की जा रही हैं और लोगों से उन्हें “पहचानने” के लिए कहा जा रहा है। इस पर CJI सूर्यकांत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हम किसी शाही महल में नहीं बैठे हैं। लोग राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, सिस्टम को दबाने का प्रयास मत करें। इस तरह की बहस बाहर नहीं, बल्कि अदालत के भीतर होनी चाहिए।” वहीं, CBI की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता प्रतिनिधित्व कर रहे थे, उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की बदनाम करने की कोशिश की निंदा की जानी चाहिए और उन्हें पूरी तरह भरोसा है।

SC से पीड़ित संतुष्ट
रविवार को पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट से आरोप की जमानत पर रोक लगाने की उम्मीद जताई थी और सोमवार को वही हुआ, जिसके बाद पीड़िता ने कहा है कि “मैं इस निर्णय से बहुत खुश हूं। मुझे सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिला है। मैं शुरू से ही न्याय के लिए आवाज उठाती रही हूं। मैं किसी भी अदालत के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाती, मुझे सभी अदालतों पर भरोसा है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मुझे न्याय दिया है और ऐसा ही जारी रहेगा।”

गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट से रेप के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलने के बाद से यह मामला तूल पकड़ लिया था। पीड़िता अपनी मां के साथ हाई कोर्ट के बाहर धरने पर बैठ गई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। इसके बाद कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीड़ इकट्ठा होने लगी और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।




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