Search
Monday 23 March 2026
  • :
  • :
Latest Update

जापान-चीन की यात्रा करेंगे PM मोदी

जापान-चीन की यात्रा करेंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से जापान और चीन की यात्रा करेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की शुक्रवार से शुरू हो रही दो दिवसीय जापान यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उसके बाहर शांति, समृद्धि और स्थिरता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दोहराएगी। इससे हमारी मित्रता और मजबूत होगी और सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी की आगामी जापान यात्रा पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी 28 अगस्त की शाम को जापान की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। वह जापान के प्रधानमंत्री महामहिम शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 29 और 30 अगस्त को जापान में रहेंगे। यह कई कारणों से एक महत्वपूर्ण यात्रा है। यह प्रधानमंत्री मोदी की प्रधानमंत्री इशिबा के साथ पहली वार्षिक शिखर बैठक है। यह लगभग 7 वर्षों में उनकी पहली एकल जापान यात्रा भी है। उन्होंने पिछली बार 2018 में वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान का दौरा किया था। तब से उन्होंने जापान का दौरा किया है, लेकिन वह बहुपक्षीय बैठकों और अन्य औपचारिक कार्यक्रमों के लिए रहा है। यह एक ऐसी यात्रा होगी, जो पूरी तरह से भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय एजेंडे को समर्पित होगी। 2014 में पदभार ग्रहण करने के बाद से यह प्रधानमंत्री की जापान की आठवीं यात्रा भी है और यह हमारे विदेशी संबंधों में इस विशेष संबंध की अत्यधिक उच्च प्राथमिकता को दर्शाता है।’

जापानी और भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ मुलाकात
विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत और जापान के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन की एक विशेषता दोनों नेताओं के बीच राजधानी के बाहर बातचीत है और इस अवसर पर भी कार्यक्रम में टोक्यो के बाहर एक यात्रा शामिल है, जो दोनों नेताओं के लिए एक उत्सुकता भरी बात होगी। कार्यक्रम में जापान के कई अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत भी शामिल है। प्रधानमंत्री जापानी और भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ एक व्यापारिक नेताओं के मंच में भी भाग लेंगे। इन मुलाकातों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी संबंधों को गहरा करना है।

भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के एजेंडे को आगे बढ़ाना मकसद
मिस्री ने कहा, ‘भारत और जापान के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच मौजूद उच्चतम स्तरीय संवाद तंत्र का प्रतिनिधित्व करता है और यह भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के एजेंडे को आगे बढ़ाता है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री इशिबा से मिल चुके हैं। भारत और जापान दो ऐसे देश हैं, जो कई मुद्दों पर समान मूल्य, विश्वास और रणनीतिक दृष्टिकोण रखते हैं। ये देश एशिया के दो अग्रणी लोकतंत्र और दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं।’

कई नई पहल शुरू करने का भी अवसर
उन्होंने आगे कहा कि पिछले एक दशक में हमारे द्विपक्षीय संबंधों का दायरा और महत्वाकांक्षा लगातार बढ़ी है और आज इसमें व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा और गतिशीलता, लोगों से लोगों का संपर्क और दोनों पक्षों के बीच जीवंत सांस्कृतिक जुड़ाव शामिल हैं। इसलिए 15वां शिखर सम्मेलन दोनों प्रधानमंत्रियों को इन संबंधों की गहन समीक्षा करने, पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का जायजा लेने और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करेगा। यह संबंधों में और अधिक लचीलापन लाने और उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए कई नई पहल शुरू करने का भी अवसर होगा।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *