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Wednesday 4 February 2026
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सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य के साहस और सृजन ने शौर्य और संगठन के नए प्रतिमान स्थापित करते हुए भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित विक्रमोत्सव में उनके व्यक्तित्व के सभी आयामों का प्रभावी प्रकटीकरण सुनिश्चित किया जाए। नई पीढ़ी को सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से परिचित कराना, भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक परंपरा की निरंतरता के लिए आवश्यक है। विक्रमोत्सव देश-प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक चेतना का प्रभावशाली प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि आयोजन पूर्ण भव्यता, सुव्यवस्था और सांस्कृतिक गरिमा के उच्चतम मानकों के अनुरूप हो। उन्होंने उज्जैन में होने वाले विक्रमोत्सव-2026 की तैयारियों के संबंध में समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन की समग्र रूपरेखा, व्यवस्थाओं एवं विभागीय समन्वय की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन प्रदेश तथा अन्य राज्यों के प्रमुख नगरों में भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल-कालेजों में सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत हो रहे विक्रमोत्सव में कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएं। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, नरवाई के प्रबंधन, दुग्ध उत्पादक स्वस्थ पशुओं की प्रतियोगिता और उद्यानिकी को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित गतिविधियों को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सम्राट विक्रामादित्य के वैज्ञानिक पक्ष पर केंद्रित आयोजनों में विज्ञान महाविद्यालय, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को भी जोड़ा जाए। सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण में भारत सरकार की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उसे भव्य और राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाए।




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