पीएम मोदी ने बताया कैसे सुरक्षित है भारत की ऊर्जा सप्लाई, अफवाहों से बचने की अपील
भारत तेजी से बदलते ग्लोबल एनर्जी परिदृश्य में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। बीते कुछ वर्षों में देश ने क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिफिकेशन और मैन्युफैक्चरिंग में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि भारत अब ग्लोबल एनर्जी लैंडस्केप में एक निर्णायक भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में बताया कि भारत की एनर्जी ट्रांजिशन व्यावहारिक नीतियों और आत्मनिर्भरता के स्पष्ट विजन पर आधारित है। यह बदलाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को एक ग्लोबल एनर्जी लीडर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
भारत क्लीन एनर्जी क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत क्लीन एनर्जी क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है। सोलर और विंड एनर्जी जैसे सेक्टर में निवेश बढ़ने से देश की ऊर्जा निर्भरता कम हो रही है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिफिकेशन को बढ़ावा देकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। पीएम ने आगे कहा कि सरकार का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना भी है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यह रणनीति आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी गति दे रही है।
ग्लोबल एनर्जी कम्युनिटी को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भारत में निवेश, इनोवेशन और स्केलिंग के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि भारत का पावर सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें बड़े स्तर पर निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं। भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 जैसे मंचों के जरिए देश ग्लोबल एनर्जी कम्युनिटी को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा है। यह पहल विभिन्न देशों और कंपनियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगी, जिससे नई तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
सभी हितधारकों का एक साथ मिलकर काम करना जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनर्जी सेक्टर का समग्र विकास तभी संभव है जब सभी हितधारक एक साथ मिलकर काम करें। सरकार, निजी कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय संगठन मिलकर एक मजबूत एनर्जी इकोसिस्टम बना सकते हैं। इस दिशा में भारत एक साझा प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जहां विचारों का आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल ऊर्जा क्षेत्र में विकास होगा, बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।
