चीन-पाकिस्तान की पनडुब्बियों की होगी हंटिंग
ट्रेड डील के तुरंत बाद भारत ने अमेरिका से 06 एंटी-सबमरीन P-8I टोही विमान खरीदने की घोषणा कर दी है. रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को भारतीय नौसेना के लिए इन लॉन्ग रेंज मेरीटाइम रिकोनिसेंस एंड सर्विलांस एयरक्राफ्ट को खरीदने की मंजूरी दी.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाली रक्षा (अधिग्रहण) खरीद परिषद यानी DAC की हुई अहम बैठक में इन P-8I विमानों को खरीदने (एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी या एओएन) की मंजूरी दी गई. हंटर के नाम से मशहूर इन विमानों को अमेरिका की बोइंग कंपनी बनाती है.
हिंद महासागर में P-8I विमानों का इस्तेमाल कर रही नौसेना
भारतीय नौसेना पिछले एक दशक से इन P-8I विमानों का इस्तेमाल, हिंद महासागर में कर रही है. चीन और पाकिस्तान की पनडुब्बियों पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ हिंद महासागर के विशाल समुद्री-क्षेत्र की निगरानी में ये P-8I विमान अहम भूमिका निभाते हैं. वर्ष 2009 में भारत ने अमेरिका से सीधे करार कर 08 एयरक्राफ्ट को खरीदा था. इसके बाद वर्ष 2019 में चार (04) अतिरिक्त विमानों को खरीदा गया था.
कहां-कहां तैनात हैं P-8I एयरक्राफ्ट?
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, P-8I विमान के अधिग्रहण से नौसेना की लम्बी दूरी की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता, समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. भारतीय नौसेना ने इन P-8I विमानों को तमिलनाडु के रजाली और गोवा के आईएनएस हंस नेवल बेस पर तैनात कर रखा है. यहां से पूरे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की निगहबानी की जाती है.
