मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कुमेड़ी अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) अब बस संचालन शुरू करने की तैयारी में है। एमआर-10 पर लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस आधुनिक टर्मिनल में यात्रियों के लिए एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। हालांकि, शहर के अलग-अलग हिस्सों से यहां तक पहुंचने के लिए पर्याप्त लोक परिवहन उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। 28 अक्टूबर से यहां राजस्थान और गुजरात जाने वाली बसों का ट्रायल रन शुरू करने की योजना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है बस टर्मिनल
कुमेड़ी ISBT में यात्रियों की सुविधा के लिए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, एसी टिकट काउंटर, बोर्डिंग और डिबोर्डिंग बे तथा पार्किंग की व्यवस्था की गई है। परिसर में दुकानें और रेस्टोरेंट भी प्रस्तावित हैं। टर्मिनल को मेट्रो स्टेशन से जोड़ने की सुविधा भी विकसित की गई है, जिससे यात्री बस और मेट्रो के बीच आसानी से आवागमन कर सकेंगे।
टर्मिनल में 42 बस बे बनाए गए हैं, जिनमें 27 जाने वाली और 15 आने वाली बसों के लिए हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बसों और यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित की गई है।
शहर से कनेक्टिविटी सबसे बड़ी चुनौती
टर्मिनल की आधुनिक सुविधाओं के बावजूद यात्रियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे शहर के विभिन्न इलाकों से कुमेड़ी तक आसानी से कैसे पहुंचेंगे। फिलहाल कुछ चुनिंदा मार्गों पर ही सिटी बसें उपलब्ध हैं। ऐसे में सरवटे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शहर के अन्य क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को अतिरिक्त साधन बदलने पड़ सकते हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए सिटी बसों के रूट बढ़ाने, बसों के फेरे बढ़ाने और प्रमुख बस स्टैंड से सीधी कनेक्टिविटी विकसित करने की जरूरत होगी। यदि लोक परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हुई, तो यात्रियों को निजी वाहनों, ऑटो और टैक्सी पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
ट्रैफिक प्रबंधन पर भी रहेगा दबाव
कुमेड़ी ISBT से लंबी दूरी की बसों का संचालन शुरू होने के बाद एमआर-10, विजय नगर, रेडिसन चौराहा और आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। खासकर व्यस्त समय में बसों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना जरूरी होगा। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और बस संचालकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता रहेगी।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में अहम भूमिका
उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए कुमेड़ी ISBT की उपयोगिता और बढ़ जाएगी। देश के विभिन्न राज्यों से इंदौर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को यहां से बसों के माध्यम से आगे की यात्रा करने में सुविधा मिल सकती है। इसके लिए बस संचालन के साथ मेट्रो, रेलवे और शहर की सिटी बस सेवाओं के बीच तालमेल जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, कुमेड़ी ISBT इंदौर के परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है। अब इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों को शहर के हर प्रमुख हिस्से से कितनी सहज और नियमित सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जाती है।
