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Monday 19 October 2026
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बैंक से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान नहीं होने पर ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अलग-अलग बैंकिंग सेवाओं में देरी के लिए निर्धारित समय-सीमा और मुआवजे के नियम बनाए हैं। कुछ मामलों में बैंक की लापरवाही पर ग्राहकों को प्रतिदिन ₹5,000 तक का मुआवजा मिल सकता है। हालांकि, यह राशि सभी बैंक शिकायतों पर लागू नहीं होती; मुआवजे की रकम संबंधित सेवा और RBI के नियमों पर निर्भर करती है।

1. प्रॉपर्टी के कागजात लौटाने में देरी पर ₹5,000 प्रतिदिन
RBI के 13 सितंबर 2023 के निर्देशों के अनुसार, पर्सनल लोन सहित संबंधित ऋण का पूरा भुगतान या सेटलमेंट होने के बाद बैंक और अन्य विनियमित ऋणदाताओं को 30 दिनों के भीतर मूल प्रॉपर्टी दस्तावेज लौटाने और संबंधित रजिस्ट्रेशन से अपना चार्ज हटाने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

यदि देरी ऋणदाता की वजह से होती है, तो उसे देरी का कारण बताना होगा और निर्धारित नियमों के तहत ग्राहक को प्रत्येक दिन के लिए ₹5,000 मुआवजा देना होगा। यह प्रावधान उन मामलों पर लागू है जिनमें दस्तावेज लौटाने की समय-सीमा 1 दिसंबर 2023 या उसके बाद पूरी हुई हो।

यदि मूल दस्तावेज खो जाते हैं या क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, तो ऋणदाता को डुप्लीकेट या प्रमाणित प्रतियां प्राप्त कराने का खर्च भी उठाना होता है। ऐसी स्थिति में प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त 30 दिन का समय दिया गया है।

2. क्रेडिट कार्ड बंद करने में देरी पर कितना मुआवजा?
RBI के क्रेडिट कार्ड संबंधी निर्देशों के मुताबिक, बकाया राशि का भुगतान होने पर कार्ड बंद करने का अनुरोध सात कार्यदिवस के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। यदि बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था इस समय-सीमा का पालन नहीं करती, तो उसे ग्राहक को ₹500 प्रति कैलेंडर दिन मुआवजा देना होगा। यह नियम तभी लागू होता है जब कार्ड पर कोई बकाया राशि न हो।

3. बैंक शिकायत का समाधान नहीं कर रहा तो क्या करें?

यदि बैंक आपकी शिकायत का समाधान नहीं करता, तो इन चरणों का पालन करें:

सबसे पहले बैंक के शिकायत निवारण विभाग में लिखित शिकायत दर्ज करें और शिकायत संख्या सुरक्षित रखें।

बैंक से मिले जवाब और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखें।

यदि बैंक 30 दिनों के भीतर जवाब नहीं देता या उसका जवाब संतोषजनक नहीं है, तो पात्र मामलों में RBI के शिकायत निवारण पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है।

4. क्या हर शिकायत पर ₹5,000 प्रतिदिन मिलेंगे?
नहीं। ₹5,000 प्रतिदिन का मुआवजा विशेष रूप से ऋण चुकाने के बाद मूल प्रॉपर्टी दस्तावेज लौटाने में ऋणदाता की जिम्मेदारी से हुई देरी के लिए निर्धारित है। क्रेडिट कार्ड बंद करने में देरी के लिए मुआवजे की दर अलग है। अन्य सेवाओं में देरी या डिजिटल लेनदेन की समस्या के लिए संबंधित नियम और निर्धारित समय-सीमा देखना जरूरी है।

ग्राहकों के लिए जरूरी बात: बैंक के खिलाफ शिकायत होने मात्र से मुआवजा अपने आप नहीं मिलता। पहले यह जांचें कि आपका मामला संबंधित RBI नियम के दायरे में आता है या नहीं। शिकायत, भुगतान और बैंक के साथ हुए पत्राचार के प्रमाण सुरक्षित रखना आपके दावे को मजबूत करने में मदद कर सकता है।




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