Search
Saturday 19 September 2026
  • :
  • :
Latest Update

निजी विश्वविद्यालय मुनाफे के लिए नहीं चल सकते, सुप्रीम कोर्ट ने मांगी ऑडिट रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों के संचालन को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निजी विश्वविद्यालयों का उद्देश्य शिक्षा के व्यापक सार्वजनिक हित की पूर्ति होना चाहिए और उन्हें मुनाफा कमाने वाली संस्था के रूप में संचालित नहीं किया जा सकता।

न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और एनवी अंजारिया की पीठ ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। इसके लिए छह सप्ताह की समयसीमा तय की गई है।

फीस से लेकर खर्च और वेतन तक की जानकारी मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालयों की फीस वसूली, आय-व्यय, कर्मचारियों के वेतन, उत्पन्न अधिशेष राशि और उसके उपयोग से जुड़ी जानकारी मांगी है। साथ ही सरकारों से विश्वविद्यालयों को मिली जमीन, छूट और अन्य सुविधाओं का विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

प्रवेश और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी निगरानी
अदालत ने निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया, प्रश्नपत्र तैयार करने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन, शिक्षकों की नियुक्ति और पढ़ाई के लिए निर्धारित एवं वास्तव में लिए गए कक्षाओं से संबंधित जानकारी भी मांगी है। विभिन्न नियामक संस्थाओं को विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों के निरीक्षण तथा पाई गई कमियों और उनके सुधार की स्थिति की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

यह मामला मूल रूप से एमिटी यूनिवर्सिटी से जुड़े एक छात्र की याचिका से सामने आया था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित की है।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *