उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनशिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक राहत पहुंचाई जाए। शिकायतों के निस्तारण में देरी या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सीएम योगी ने विशेष रूप से भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर भी गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने और अवैध कब्जे वाली जमीन को मुक्त कराने के निर्देश दिए। सरकार का जोर आम लोगों की संपत्ति की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर है।
मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से प्रशासनिक अधिकारियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाकर जनता का प्रशासन पर भरोसा मजबूत करना है।
