मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा में जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने तीन अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए, जबकि दो अधिकारियों का एक-एक वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई के दौरान आम लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी ली। शिकायतों के निराकरण में लापरवाही और जिम्मेदारी के निर्वहन में कमी सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से निराकरण होना चाहिए। शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम के निर्देश के बाद तीन अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के आदेश दिए गए। इसके अलावा दो अधिकारियों की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों को दिया जवाबदेही का संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर और पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना है। जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों को केवल दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी समाधान भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की देरी न करें। मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
छिंदवाड़ा में जनसुनवाई के दौरान हुई इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि आम जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
