भारत की रक्षा क्षमता को नई मजबूती देने की दिशा में फ्रांस ने लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये के राफेल लड़ाकू विमान कार्यक्रम को लेकर भारत सरकार को विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है। इस प्रस्ताव में राफेल विमानों के निर्माण को भारत में बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वदेशी रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग पर विशेष जोर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव के तहत बड़ी संख्या में राफेल विमानों का निर्माण भारत में करने, तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer) बढ़ाने और भारतीय रक्षा उद्योग की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना शामिल है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
यदि यह सौदा अंतिम रूप लेता है, तो भारत में राफेल विमानों के निर्माण के लिए स्थानीय कंपनियों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को बड़े पैमाने पर अवसर मिलेंगे। इससे रोजगार सृजन के साथ-साथ देश की एयरोस्पेस निर्माण क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में राफेल का निर्माण होने से भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता मजबूत होगी और भविष्य में रखरखाव तथा स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता भी अधिक सुगम हो सकेगी। साथ ही, भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना पहले से ही राफेल लड़ाकू विमानों का संचालन कर रही है और इन्हें अपनी सबसे आधुनिक लड़ाकू क्षमताओं में शामिल करती है। फ्रांस के इस नए प्रस्ताव को भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
