सीजफायर खत्म होने से बढ़ा वर्ल्ड वार का खतरा
कतर की तरफ से एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को कम करने की कोशिश की जा रही है. इसी सिलसिले में कतर के वार्ताकार ईरान गए हैं. यह दावा सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है.
इस यात्रा के जानकारी रखने वाले एक राजनयिक के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समझौता खत्म के ऐलान के बाद कतर के वार्ताकार ने ईरान का रुख किया है. साथ ही इस तनाव को कम करने की कोशिशें की गईं. वहीं, पश्चिम एशिया में हाल में एक बार फिर तनाव गहरा गया है. ऐसे में इसे अमेरिका और ईरान में एक बार फिर बातचीत शुरू करने की कोशिशों के तौर पर इसे देखा जा रहा है.
अमेरिका के साथ तालमेल बिठाक यात्रा को किया गया: रिपोर्ट
CNN की मानें तो अमेरिका साथ तालमेल बिठाकर इस यात्रा को किया गया है. बातचीत का मकसद टेंशन कम करने और वॉशिंगटन-तेहरान के बीच बातचीत की संभावना को फिर बनाना उद्देश्य है. यह कदम दोनों तरफ से हुए तेज हमलों के बाद शुक्रवार को उठाया गया है. फिलहाल हमलों में कमी आई है. इन हमलों से दोनों देशों में एक बार फिर समझौता टूटने का खतरा पैदा हो गया था.
मध्यस्थ देश दोनों को एक टेबल पर फिर लाने की कर रहे कोशिश
ऐसे में मध्यस्थ देश दोनों को फिर से टेबल पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने हॉर्मुज में कमर्शियल जहाजो को निशाना बनाया है. तो वहीं अमेरिकी सेना ने भी तेहरान पर हवाई हमले किए. इसके जवाब में इस्लामिक रिपब्लिक ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर हमले किए. इससे दोनों पक्षों में तनाव गहरा गया. सीएनएन ने बताया कि अमेरिका और ईरान संघर्ष को खत्म करने की पर्दे के पीछे कूटनीतिक कोशिशें जारी है.
