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Monday 20 April 2026
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पचपदरा रिफाइनरी में लोकार्पण से 24 घंटे पहले यूनिट में लगी भीषण आग

पचपदरा रिफाइनरी में लोकार्पण से 24 घंटे पहले यूनिट में लगी भीषण आग
राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा से इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कल (21 अप्रैल) किए जाने वाले रिफाइनरी के ऐतिहासिक लोकार्पण समारोह से ठीक पहले, आज दोपहर रिफाइनरी परिसर की एक यूनिट में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आसमान काले धुएं के गुबार से भर गया।

लोकार्पण की तैयारियों के बीच ‘अग्निपरीक्षा’
जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को रिफाइनरी की एक विशेष यूनिट में अचानक स्पार्किंग या अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। कल होने वाले प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पूरी रिफाइनरी को छावनी में तब्दील किया गया है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने तकनीकी टीम और प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए हैं।

फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय, बुझाने के प्रयास तेज
आग लगते ही रिफाइनरी का इन-हाउस फायर सेफ्टी सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया। मौके पर मौजूद दर्जनों दमकल गाड़ियां और हाइड्रेंट सिस्टम के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। धुएं की तीव्रता इतनी अधिक है कि इसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता है। रिफाइनरी के उच्चाधिकारी और जिला प्रशासन के आला अफसर मौके पर पहुँच चुके हैं और स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी प्रोटोकॉल पर सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कल यहां भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके लिए एसपीजी (SPG) और राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा घेरा बना रखा है। लोकार्पण से ठीक पहले हुई इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

क्या यह कोई तकनीकी खामी है या सुरक्षा में चूक?
क्या कल के कार्यक्रम के समय में कोई बदलाव होगा? (हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)।
रिफाइनरी के संवेदनशील जोन में आग लगने का वास्तविक कारण क्या है?
अधिकारियों में मचा हड़कंप, कारणों का खुलासा नहीं
फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और उसे अन्य यूनिट्स तक फैलने से रोकने की है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। एचपीसीएल (HPCL) और राजस्थान रिफाइनरी के तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। गनीमत यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन करोड़ों की मशीनरी को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।




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