वैशाख अमावस्या पर करें तुलसी चालीसा का पाठ
वैशाख महीने की अमावस्या तिथि का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। यह दिन पितरों के तर्पण, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के लिए समर्पित है। लेकिन इस पावन तिथि पर तुलसी पूजन और तुलसी चालीसा का पाठ करने का भी बड़ा महत्व है।
तुलसी पूजा से न केवल घर की दरिद्रता दूर होती है, बल्कि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा भी मिलती है। शास्त्रों में तुलसी को हरिप्रिया कहा गया है। वहीं, वैशाख अमावस्या (Vaishakh Amavasya 2026) के दिन तुलसी चालीसा का पाठ परम फलदायी माना गया है।
तुलसी चालीसा पाठ के 3 चमत्कारी लाभ
इस दिन तुलसी चालीसा का पाठ कर उसकी मंजरी भगवान विष्णु को अर्पित करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और परिवार पर लगा पितृ दोष समाप्त होता है।
अगर आपके घर में छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होते हैं, तो अमावस्या की शाम तुलसी के पास घी का दीपक जलाकर चालीसा का पाठ करें।
इस पावन तिथि पर तुलसी चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक विचारों का संचार होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
कैसे करें वैशाख अमावस्या पर तुलसी पूजन?
सुबह स्नान के बाद सबसे पहले सूर्य देव को जल दें, फिर तुलसी के पौधे में शुद्ध जल अर्पित करें।
साफ आसन पर बैठकर शांत मन से ‘तुलसी चालीसा’ का पाठ करें। पाठ के दौरान अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
पाठ पूरा होने के बाद तुलसी के पौधे की तीन बार परिक्रमा करें और अपनी मनोकामना दोहराएं।
शाम के समय तुलसी की जड़ के पास एक मुखी घी का दीपक जलाएं।
अंत में आरती करें।
