सिंहस्थ 2028 से पहले तैयार होगा उज्जैन का एयरपोर्ट
2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए सरकार अधोसरंचना विकास के साथ सभी सुविधाएं विकसित करने में जुटी है। इस कड़ी में मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उज्जैन हवाई पट्टी के विकास और विस्तार के लिए 437 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 590 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
साथ ही किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए आगामी तीन साल तक चना और मसूर समर्थन मूल्य पर खरीदने की स्वीकृति दी गई।
इसके लिए सरकार 3,174 करोड़ रुपये की निश्शुल्क गारंटी भी देगी। बैठक के निर्णय की जानकारी देते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भारत सरकार की उड़ान योजना के तहत उज्जैन स्थित शासकीय हवाई पट्टी का बोइंग 320 एयरबस विमानों के संचालन के लिए विकास व विस्तार करने के लिए राज्य सरकार एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच अनुबंध हो चुका है।
बैठक में इसके लिए 437.5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने के साथ 590 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। सिंहस्थ में 35 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के आने की संभावना है।
तीन साल तक चना, मसूर खरीदेगी सरकार
किसान हित और दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में सरकार ने आगामी तीन वर्ष तक समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर की खरीदी करने का निर्णय लिया है। भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत चना कुल उत्पादन का 25 और मसूर का 100 प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए 3,174 करोड़ रुपये की निश्शुल्क गारंटी दी जाएगी। खरीदी राज्य सहकारी विपणन संघ करेगा। इतना ही नहीं चना एवं मसूर के उपार्जन पर मंडी शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
