Budget 2026-विदेशी संपत्ति और टैक्स छिपाने पर नहीं होगी जेल
केंद्र सरकार की ओर से यूनियन बजट 2026 में टैक्स को लेकर किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की गई हैं. हालांकि सरकार ने नियमों में ऐसे बदलाव किए हैं. जिनसे कुछ लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. खास तौर पर विदेश में रहने वाले एनआरआई और ऐसे लोगों के लिए जिन्होंने अब तक विदेश में मौजूद अपनी छोटी-मोटी संपत्तियों की जानकारी साझा नहीं की थी.
रिटर्न फाइल करने की समय सीमा बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है. सरकार टैक्स सिस्टम को ज्यादा व्यावहारिक बनाना चाहती है. इस बार बजट की चर्चा एनआरआई और विदेशी संपत्तियों के खुलासे से जुड़े नियमों पर भी हो रही है.
विदेशी छोटी संपत्तियों के खुलासे पर सरकार की नरमी
बजट में उन लोगों को राहत देने का फैसला लिया गया है, जो विदेश में मौजूद अपनी छोटी-मोटी संपत्ति की जानकारी टैक्स रिटर्न में भूलवश नहीं दे पाए थे. अगर किसी व्यक्ति की गैर-अचल विदेशी संपत्ति की कुल कीमत 20 लाख रुपये से कम है और वह उसका खुलासा नहीं करता है. तो उस पर अब कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
ऐसे मामलों में सजा से छूट मिलेगी. यह नया नियम 1 अक्टूबर 2024 से लागू होगा. जिससे सीमित विदेशी एसेट्स रखने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है.
इनकम टैक्स मामलों में जेल की सजा खत्म
सरकार की ओर से बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए इनकम टैक्स कानून को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का फैसला लिया गया हैं. अब अगर किसी व्यक्ति की आय में गड़बड़ी पाई जाती है या फिर टैक्स छिपाने का मामला सामने आता है, तो उसे जेल नहीं भेजा जाएगा.
ऐसे मामलों में केवल जुर्माना का प्रावधान किया गया है. यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत लागू किया जाएगा. जिससे ईमानदार करदाताओं को कानूनी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है.
